मध्य प्रदेश गजब के चुनावी महल में सिमटता जा रहा है , हर कोई सिर्फ़ चुनाव और चुनाव के बाद के परिणामो के बारे में सोच रहा है या अंदर ही अंदर कुछ बुन रहा है ।
पिछली बार बुंदेलखंड के लिए कुछ खास था क्योकि हमारी भूमि की ही एक बेटी पहली बार मद्य प्रदेश के मुख्या मंत्री की कुर्सी को सुशोबित करने जा रही थी, बरसो से बुंदेलखंड की धरती को एक अदद नेता जिसका प्रदेश और राष्टीय इस्टर पर दबदबा हो तलाश थी।
उमा भरी ने वह करिश्मा कर दिक्हया पर इस बार क्या है बुंदेलखंड और विकास के लिए इन चुनावो में\
गंबीर पड़ताल के साथ कल जुड़िये , विचार सदर आमंत्रित है
Monday, November 17, 2008
Thursday, June 19, 2008
बुदेलखंड और बुन्देलखंडी
बुदेलखंड और बुन्देलखंडी
बुंदेलखंड आजकल सिर्फ अपने पिछड़ेपन और अलग राज्य की मांग को लेकर चर्चा में है, पर क्या सिर्फ इसीलिए ही बुदेलखंड की बात की जा सकती है. नहीं और भी मुद्दे है जिन्होंने वर्षो से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बटे हुए इस भूखंड की राजनितिक अस्मिता को जिन्दा रखा है. यह इतिहास की बानगी है की १८५७ की क्रांति क रक्तबीज यही बोया गया और रानी झाँसी की भी यही कर्म भूमि है. दुर्गावती की शौर्य गाथाये हो ईसुरी की रसभरी फागे, छत्रसाल की कर्मभूमि हो या बाजीराव - मस्तानी के अमर प्रेम की भूमि. सबकुछ बुंदेलखंड ही है. बुंदेलखंड एक विचार है, एक सांस्कृतिक आन्दोलन है कोई राजनितिक अखाडा नहीं है ।
दरअसल पिछले pअच्हस सालो में पैदा हुए राजनीतीक शून्य और घोर गरीबी पिछडेपन के कारन यहाँ के लोग कभी खाने कमाने की बातो से उपर उठाकर सोच ही नही पाए और इनके मुकाबले देश के अन्य हिस्सों के लोगो ने लोकतंत्र में मिली बार्गेनिंग का भरपूर लाभ उठाया। इसा नही है की यहाँ के लोग कोई विकास वीरोधी है पर जिस देश में बिना मांगे कुछ नही मिलता उसमे उनकी दबी कुचली और निरीह आवाज को सुनता भी कौन और हकीकत में किसी ने सुना भी नही gaya ।
बुंदेलखंड की दिल्ली से भोगोलिक दूरी भले ही कुछ कम लगे पर सच्चाई में अभी भी यहाँ के लोगो के लिए अबी दिल्ली काफी दूर है ।
इस ब्लॉग के माध्यम से मेरी यही कोशिश है और रहेगी की देश दुनिया में फैले तमाम बुंदेलखंडइयो तक इस छेत्र की असली तस्वीर पहुचाई जाए साथ उन तमाम लोगो को , उन सभी लोगो का इके अलग पर्सपेक्टिव दिखाया जाए जो बुदेलखंड की बात में शामिल है इतेफाक रखते है।
एक बात और - में या मेरा ब्लॉग किसी भी रूप में अलग बुन्देलखंड रअजय की लिए चल रहे मउव्मेंट का हिस्सा नही है। वो एक मुद्दा है जिस पर हमारी पैनी नजर है।
आजे से बुन्देलखंड की हर बात आपके इस बुन्देलखंडी के साथ जरी रहेगी।
शुक्रिया और शब्बा खैर।
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